बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था पर सवाल

 





बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था पर सवाल

◾रैयतवारी के DRC में बायोमेट्रिक रिकॉर्ड के जांच की मांग

 चंद्रपुर,( Rajya Reporter News ) : चंद्रपुर क्षेत्र में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति पर निगरानी रखने के लिए लागू की गई बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है ‘राज्य रिपोर्टर न्यूज’ ने बायोमेट्रिक अटेंडेंस में हो रही मनमानी को लेकर खबर प्रकाशित की थी इसके महज दो दिन बाद 31 अगस्त को क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधन की ओर से IN-OUT अटेंडेंस को अनिवार्य करने संबंधी आदेश जारी किया गया. 

क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधक की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि वेतन तैयार करने के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन बायोमेट्रिक मशीन पर IN और OUT दोनों समय की उपस्थिति दर्ज करें . आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित तरीके से दोनों समय की उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर वेतन तैयार करने में समस्या उत्पन्न हो सकती है.

प्रबंधन के इस स्पष्ट आदेश के बावजूद रैयतवारी उपक्षेत्र के DRC में बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं आरोप है कि यहां कुछ मामलों में बायोमेट्रिक उपस्थिति के नियमों का अपेक्षित पालन नहीं हो रहा तथा कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार IN-OUT दर्ज कर रहे हैं हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. 

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब क्षेत्रीय प्रबंधन ने बायोमेट्रिक IN-OUT अटेंडेंस को वेतन प्रक्रिया से जोड़ते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं तो क्या रैयतवारी DRC सहित संबंधित इकाइयों के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की नियमित जांच की जा रही है? क्या मशीन में दर्ज समय का कर्मचारियों के वास्तविक कार्यस्थल पर मौजूद रहने के समय से मिलान किया जा रहा है?

यदि बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और वास्तविक उपस्थिति में अंतर सामने आता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? यदि किसी कर्मचारी का IN-OUT रिकॉर्ड निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाया जाता तो क्या उसके वेतन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी? और यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी की वास्तविक उपस्थिति तथा बायोमेट्रिक रिकॉर्ड में अंतर मिलता है तो क्या पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी?

सवाल सिर्फ कर्मचारियों की उपस्थिति तक सीमित नहीं है बायोमेट्रिक व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है उनकी जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण है यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो क्या कार्रवाई केवल संबंधित कर्मचारी तक सीमित रहेगी या निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी?

रैयतवारी DRC में उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच के लिए पिछले दिनों के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, IN-OUT टाइमिंग, ड्यूटी रोस्टर और वास्तविक कार्यस्थल पर उपस्थिति का मिलान किया जाना आवश्यक है इससे यह स्पष्ट हो सकता है कि बायोमेट्रिक व्यवस्था का वास्तविक रूप से पालन हो रहा है या रिकॉर्ड और वास्तविक उपस्थिति के बीच कोई अंतर है. 

अब नजर इस बात पर है कि 31 अगस्त का HRM आदेश महज कागजी निर्देश बनकर रह जाता है या रैयतवारी DRC में भी उसका वास्तविक असर दिखाई देता है यदि स्पष्ट आदेश के बावजूद अनियमितताएं जारी रहती हैं तो मामला केवल ‘IN-OUT’ अटेंडेंस तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह क्षेत्रीय प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा. 

अब देखना यह होगा कि प्रबंधन बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की जांच कर ‘IN-OUT के खेल’ पर रोक लगाता है या फिर यह आदेश भी अन्य प्रशासनिक आदेशों की तरह फाइलों तक सीमित रह जाता है.



Post a Comment

0 Comments