नंदगाव खदान हादसे के बाद वेकोलि के बायोमेट्रिक आदेश की धज्जियां उड़ाने का आरोप!

 



नंदगाव खदान हादसे के बाद वेकोलि के बायोमेट्रिक आदेश की धज्जियां उड़ाने का आरोप!


 ◾IN-OUT उपस्थिति अनिवार्य, फिर घायल कर्मचारी को हाजिरी लगाकर घर भेजने की छूट कैसे? लाने-ले जाने के लिए कर्मचारी नियुक्त करने पर भी सवाल


 चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेकोली प्रबंधन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए बायोमेट्रिक मशीन पर IN और OUT दोनों समय की उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया है इस संबंध में चंद्रपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधक ने 31 अगस्त 2026 को स्पष्ट आदेश जारी किए थे ,इसके बावजूद नंदगाव भूमिगत खदान में इस आदेश के उल्लंघन का मामला सामने आने से प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं खास बात यह है कि मामला खदान हादसे में घायल हुए कर्मचारी से जुड़ा है जिसे इंजुरी ऑन ड्यूटी (Injury on Duty) का लाभ देने के बजाय हाजिरी लगाकर घर जाने की सुविधा दी जा रही है. 

नंदगाव भूमिगत खदान में 9 अक्टूबर  को हुए हादसे में कर्मचारी कुमारस्वामी दुर्गय्या गिरवेनी ( ट्रामिंग पर्सनल ) कोल टब और पिलर के बीच दबकर घायल हो गए थे, हादसे के बाद कर्मचारी की चोट और उपचार से जुड़े मामले में प्रबंधन की भूमिका पहले ही सवालों के घेरे में है अब बायोमेट्रिक उपस्थिति के नियमों को लेकर उठे सवालों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है. 

जानकारी के अनुसार घायल कर्मचारी को नियमित ड्यूटी करने में असमर्थता के बावजूद हाजिरी लगाकर घर जाने की सुविधा उपलब्ध कराए जाने का आरोप है इतना ही नहीं तो घायल कर्मचारी को लाने और ले जाने के लिए एक अन्य कर्मचारी की नियुक्ति किए जाने की जानकारी भी सामने आई है यदि ऐसा है तो यह व्यवस्था किस अधिकारी के आदेश पर की गई? संबंधित कर्मचारी को यह जिम्मेदारी किस नियम और किस कार्यादेश के तहत सौंपी गई? इन सवालों का जवाब देना प्रबंधन की जिम्मेदारी हैं .

क्षेत्रीय मानव संसाधन प्रबंधक चंद्रपुर क्षेत्र द्वारा 31 अगस्त 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि वेतन तैयार करने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिदिन बायोमेट्रिक मशीन पर IN और OUT दोनों समय की उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है आदेश में यह भी कहा गया है कि दोनों समय की उपस्थिति दर्ज किए बिना संबंधित अधिकारी या कर्मचारी का वेतन तैयार नहीं किया जाए, अधीनस्थ खान प्रबंधकों और अधिकारियों को इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया था. 

वेकोली मुख्यालय स्तर पर भी इस प्रकार के निर्देश जारी किए जाने की जानकारी है ऐसे में सवाल उठता है कि जब सामान्य ड्यूटी पर आने वाले कर्मचारियों के लिए IN और OUT दोनों उपस्थिति अनिवार्य है तो नंदगाव खदान में घायल कर्मचारी के मामले में कौन-सी व्यवस्था लागू की जा रही है? यदि कर्मचारी केवल IN उपस्थिति दर्ज कर घर चला जाता है और OUT दर्ज नहीं करता तो उसकी उपस्थिति तथा वेतन का निर्धारण किस नियम के तहत किया जाएगा?

मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू घायल कर्मचारी को लाने और ले जाने के लिए दूसरे कर्मचारी की नियुक्ति है यदि किसी कर्मचारी को इस काम में लगाया गया है तो उसका लिखित आदेश कहां है? क्या उसे नियमित ड्यूटी से अलग यह जिम्मेदारी सौंपी गई है? क्या इस व्यवस्था की जानकारी संबंधित अधिकारियों और मानव संसाधन विभाग को है? यदि हां तो बायोमेट्रिक उपस्थिति और वेतन संबंधी नियमों का पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जा रहा है?

इन सवालों का जवाब इसलिए भी जरूरी है क्योंकि एक ओर प्रबंधन कर्मचारियों के वेतन के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य बताता है वहीं दूसरी ओर घायल कर्मचारी के मामले में विशेष व्यवस्था अपनाए जाने की बात सामने आ रही है यदि ऐसी व्यवस्था नियमों के अनुरूप है तो प्रबंधन को उसका आधार सार्वजनिक करना चाहिए, यदि नियमों से हटकर व्यवस्था की गई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. 

नंदगाव खदान हादसे में घायल कर्मचारी को नियमानुसार चिकित्सा सुविधा, आवश्यक विश्राम और लागू सेवा नियमों के अनुरूप लाभ मिल रहे हैं या नहीं, इसकी भी जांच आवश्यक है साथ ही यह पता लगाया जाना चाहिए कि घायल कर्मचारी की उपस्थिति किस प्रकार दर्ज की जा रही है उसके वेतन का निर्धारण कैसे हो रहा है और उसे लाने-ले जाने के लिए नियुक्त कर्मचारी को किस अधिकारी ने आदेश दिया है.

अब सवाल केवल एक कर्मचारी की हाजिरी का नहीं बल्कि वेकोलि प्रबंधन द्वारा स्वयं जारी किए गए आदेशों के पालन का है यदि नियम सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू हैं तो नंदगाव खदान में अलग व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी? और यदि यह व्यवस्था नियमों के तहत है तो उसका लिखित आधार सामने क्यों नहीं रखा जा रहा?

वेकोलि के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों और मानव संसाधन विभाग को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उपस्थिति रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण, कार्यादेश तथा घायल कर्मचारी को दिए जा रहे लाभों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि नियमों के पालन और घायल कर्मचारी के अधिकारों को लेकर उठ रहे सवालों पर स्थिति साफ हो सके.



Post a Comment

0 Comments