राज्य रिपोर्टर न्यूज़ का असर; अस्पताल मामले में विजिलेंस की एंट्री

 



राज्य रिपोर्टर न्यूज़ का असर; अस्पताल मामले में विजिलेंस की एंट्री

◾क्षेत्रीय महाप्रबंधक के जवाब पर टिकी निगाहें 

चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज  ) : वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र का क्षेत्रीय चिकित्सालय पिछले कई महीनों से लगातार विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है अस्पताल प्रबंधन से जुड़े एक के बाद एक गंभीर मामले सामने आने के बावजूद क्षेत्रीय महाप्रबंधक स्तर पर अब तक किसी ठोस कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है इस बीच राज्य रिपोर्टर न्यूज़ द्वारा लगातार प्रकाशित की गई खबरों की श्रृंखला ने आखिरकार बड़ा असर दिखाया है इन मामले का संज्ञान लेते हुए वेकोली मुख्यालय के विजिलेंस विभाग ने जांच की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार वेकोली मुख्यालय के विभागाध्यक्ष (सतर्कता) द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को क्षेत्रीय महाप्रबंधक चंद्रपुर क्षेत्र के नाम एक महत्वपूर्ण पत्र जारी कर अस्पताल से जुड़े गंभीर बिंदुओं पर विस्तृत स्पष्टीकरण तथा आवश्यक दस्तावेज मंगाए हैं सूत्रों के अनुसार विजिलेंस ने जवाब देने की समयसीमा 12 जून 2026 निर्धारित की है जिसके चलते अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्षेत्रीय महाप्रबंधक आखिर क्या स्पष्टीकरण सौंपते हैं.

विजिलेंस विभाग ने अपने पत्र में सबसे गंभीर सवाल 23 दिसंबर 2025 को जारी उस आदेश पर उठाया है जिसमें वरिष्ठ तकनीशियन (पैथोलॉजी) जैसे प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारी को उनके मूल चिकित्सकीय कार्यों से हटाकर कथित रूप से कैंटीन संचालन जैसे गैर-चिकित्सकीय और व्यावसायिक कार्यों में लगाया गया, विजिलेंस ने पूछा है कि आखिर ऐसी कौन-सी प्रशासनिक अथवा चिकित्सकीय आपात स्थिति उत्पन्न हुई थी जिसने अस्पताल प्रबंधन को इस प्रकार का निर्णय लेने के लिए मजबूर किया?

इतना ही नहीं विजिलेंस ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के किसी मानक संचालन प्रक्रिया , सेवा नियम अथवा प्रशासनिक दिशा-निर्देश में पैरामेडिकल अथवा क्लीनिकल स्टाफ को कैंटीन, सुविधा प्रबंधन या अन्य गैर-चिकित्सकीय कार्य सौंपने की कोई अनुमति है? यदि ऐसा कोई प्रावधान मौजूद है तो उसकी प्रतियां उपलब्ध कराने को भी कहा गया है.

मामले का तीसरा और बेहद अहम पहलू रविवार की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर है जबकि अस्पताल रविवार को आधिकारिक रूप से बंद रहता है ऐसे में पैथोलॉजी स्टाफ को रविवार में ड्यूटी पर तैनात करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? क्या इसके लिए सक्षम अधिकारी से औपचारिक मंजूरी ली गई थी? विजिलेंस ने संबंधित स्वीकृति पत्रों की प्रतियां भी मांगी हैं.

इस मामले में विजिलेंस विभाग की त्वरित कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के कर्मचारियों और जनमानस के बीच संतोष एवं हर्ष का वातावरण देखा जा रहा है कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उठ रहे सवालों पर आखिरकार मुख्यालय स्तर से संज्ञान लिया जाना सकारात्मक संकेत है साथ ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है.

वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्रीय महाप्रबंधक की कार्यप्रणाली को भी सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है बड़ा प्रश्न यह है कि यदि अस्पताल में कथित अनियमितताएं इतनी गंभीर थीं कि मुख्यालय के विजिलेंस विभाग को हस्तक्षेप करना पड़ा तो फिर क्षेत्रीय स्तर पर अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या क्षेत्रीय प्रबंधन जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा था या फिर कुछ प्रभावशाली लोगों को संरक्षण दिया जा रहा था?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विजिलेंस जांच केवल कागजों तक सीमित रहेगी या फिर अस्पताल में वर्षों से जड़ जमा चुकी कथित अनियमितताओं पर वास्तव में कार्रवाई की गाज गिरेगी? इस मामले में अब क्षेत्रीय महाप्रबंधक द्वारा सौंपे जाने वाले स्पष्टीकरण से कई परतें खुलने की संभावना जताई जा रही है.

राज्य रिपोर्टर न्यूज़ द्वारा आगामी दिनों में इस अस्पताल में हो रही अनियमितताओं को उजागर किया जाएगा.




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