कैंटीन के गल्ले पर कौन मार रहा डल्ला?
◾सालों से कैंटीन कमेटी नदारद, अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल..
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय चिकित्सालय परिसर में संचालित वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जलपान गृह अब सवालों के घेरे में दिखाई दे रहा है मरीजों, उनके परिजनों तथा वेकोली कर्मचारियों की सुविधा के लिए स्थापित इस कैंटीन के संचालन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं सूत्रों से सामने आई जानकारी के अनुसार यहां वेकोली नियमों की खुलेआम अनदेखी होने की चर्चा जोरों पर है.
जानकारी के मुताबिक कैंटीन में वेकोली के तीन कर्मचारी कार्यरत हैं जिनका वेतन नियमित रूप से कंपनी द्वारा दिया जाता है लेकिन चर्चा इस बात की है कि इनके साथ कुछ निजी लोग भी वहाँ कार्य कर रहे हैं बड़ा सवाल यह है कि इन निजी कर्मचारियों का भुगतान आखिर किस मद से किया जा रहा है? क्या इनके लिए कोई अधिकृत व्यवस्था है अथवा सबकुछ “भगवान भरोसे” चल रहा है या स्व खुशी से आनंदित होकर कार्य कर रहे हैं ?
सूत्रों की मानें तो कैंटीन संचालन के लिए वेकोली प्रबंधन की ओर से गैस सिलेंडर समेत आवश्यक सामग्री नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाती है ऐसे में कैंटीन से प्रतिदिन होने वाली आय का हिसाब-किताब आखिर किसके पास है? गल्ले में आने वाला पैसा किस खाते में जमा होता है और उसकी निगरानी कौन करता है? यह सवाल अब जोर पकड़ने लगा है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि कैंटीन के पारदर्शी एवं व्यवस्थित संचालन के लिए बनाई गई कैंटीन कमेटी की बैठक वर्षों से नहीं हुई तो फिर कैंटीन के आर्थिक लेन-देन, खर्च और आय की समीक्षा कौन कर रहा है? क्या बिना निगरानी के ही आनंदमय वातावरण में पूरा खेल चल रहा है?
इतना ही नहीं तो वेकोली कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों एवं कंपनी से जुड़े लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए इस कैंटीन में खाद्य सामग्री के दाम भी कथित तौर पर बाजार एवं निजी होटलों के बराबर बताए जा रहे हैं ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब वेकोली संसाधन उपलब्ध करा रही है तो आखिर इस कैंटीन का वास्तविक लाभ वेकोली परिवार को मिल क्या रहा है?
अस्पताल परिसर में धीरे-धीरे यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि कहीं सेवा के नाम पर कैंटीन किसी के लिए कमाई का जरिया तो नहीं बन गई? यदि सबकुछ नियमों के तहत हो रहा है तो फिर पारदर्शिता सामने लाने में हिचकिचाहट क्यों?
इस पूरे मामले में प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त होते ही प्रकाशित किया जाएगा.
इस अस्पताल एवं कैंटीन से जुड़े कुछ और चौंकाने वाले खुलासे अगली खबर में प्रकाशित किया जाएगा.






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