क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी की मनमानी से कर्मचारी त्रस्त!

 



क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी की मनमानी से कर्मचारी त्रस्त!

◾डॉ. घाटे के अस्थायी तबादले से मरीजों में रोष 

 चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : चंद्रपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी की कार्यशैली एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों के बीच चर्चा है कि क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी द्वारा चुनिंदा कर्मचारियों और डॉक्टरों को विशेष सुविधाएं देकर अन्य कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है इस कथित मनमानी से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है.

राज्य रिपोर्टर न्यूज़ को अस्पताल में कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी द्वारा चयनित कर्मचारियों को निर्धारित ड्यूटी समय में छूट दी जाती है इतना ही नहीं तो रविवार की ड्यूटी लगाने में भी कथित रूप से दोहरा मापदंड अपनाया जाता है कर्मचारियों का आरोप है कि ड्यूटी निर्धारण से लेकर प्रशासनिक निर्णयों तक कई मामलों में पारदर्शिता का अभाव है और नियमों की अनदेखी की जा रही है.

यह विवाद उस समय और गहरा गया जब क्षेत्रीय चिकित्सालय में नियमित रूप से सेवाएं दे रहे डॉ. घाटे को अस्थायी रूप से सुबह और शाम सीआरसी डिस्पेंसरी में सेवा देने का आदेश जारी कर दिया गया, इस निर्णय से अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों तथा अस्पताल कर्मियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है .

सूत्रों के अनुसार इससे पहले भी क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी ने एक डॉक्टर को अस्थायी रूप से सीआरसी डिस्पेंसरी में अस्थायी रूप से पदस्थ करने का आदेश जारी किया था लेकिन उस आदेश का स्वयं द्वारा प्रभावी पालन नहीं कराया जा सका अब उसी प्रकार का नया आदेश जारी होने से क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी की निर्णय क्षमता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि यदि डॉ. घाटे को शीघ्र ही पुनः क्षेत्रीय चिकित्सालय में नियमित रूप से पदस्थ नहीं किया गया तो अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच डॉक्टरों की कमी का सीधा असर उपचार व्यवस्था पर पड़ेगा, जिससे आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

सूत्रों के मुताबिक इस मामले को लेकर मरीजों के परिजनों में भी नाराजगी बढ़ रही है बताया जा रहा है कि मरीजों के परिजनों का एक शिष्टमंडल शीघ्र ही संबंधित उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी की कार्यप्रणाली, कथित भेदभावपूर्ण रवैये और डॉ. घाटे के अस्थायी तबादले के निर्णय की शिकायत करेगा.




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