चंद्रपूर क्षेत्र में RTI कानून की खुलेआम अनदेखी!
◾अनियमितताओं के खुलासे के डर से दबाई जा रही जानकारी?
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : सार्वजनिक उपक्रम होने के बावजूद वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के चंद्रपूर क्षेत्र में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाए जाने का आरोप सामने आ रहा हैं.
जानकारी मांगने वाले आवेदकों को समय पर जवाब देने के बजाय अधिकारियों द्वारा टालमटोल, गोलमोल उत्तर और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की प्रवृत्ति अपनाई जा रही है.
इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या वेकोली प्रशासन अनियमितताओं के उजागर होने के भय से जानकारी छिपा रहा है?
सूत्रों के अनुसार कई महत्वपूर्ण मामलों में आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी को या तो अधूरी दी जा रही है अथवा नियमों का हवाला देकर जानबूझकर रोका जा रहा है.
इतना ही नहीं तो संबंधित विभाग के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हुए आवेदकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर कर रहे हैं इससे वेकोली में पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं.
जानकारों का कहना है कि RTI कानून का मूल उद्देश्य सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता लाना है लेकिन वेकोली चंद्रपूर क्षेत्र में स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है.
यदि मांगी गई जानकारी देने में कोई तकनीकी अड़चन नहीं है तो फिर सूचना उपलब्ध कराने में यह अनावश्यक देरी और टालमटोल आखिर क्यों?
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी बढ़ रही है उनका कहना है कि यदि सार्वजनिक हित से जुड़ी जानकारी को दबाया जाएगा तो इससे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को बढ़ावा मिलेगा .
जिससे अब मांग की जा रही है कि वेकोली के उच्च अधिकारी ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करें ताकि सूचना अधिकार कानून की विश्वसनीयता बनी रहे और आम नागरिकों का अधिकार सुरक्षित रह सके.
अब बड़ा सवाल यह है कि वेकोली चंद्रपूर क्षेत्र में आखिर ऐसी कौन-सी जानकारी है जिसे देने से अधिकारी कतरा रहे हैं? जिससे अब चर्चा हो रही है कि कही क्षेत्र में हो रहे अनियमितताओं का सच बाहर आने का डर तो नहीं?





















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