स्वर्गीय राकेश नेरवटला मृत्यु प्रकरण में सेफ्टी ऑफिसर पर उठे गंभीर सवाल, प्रमोशन बचाने की कोशिश के लग रहे आरोप
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र की नांदगांव खदान में कार्यरत कर्मचारी राकेश नेरवटला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर वेकोली प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं यह मामला अब केवल एक हादसा नहीं बल्कि कथित लापरवाही, गैर-जिम्मेदाराना रवैये और संभावित लीपापोती का प्रतीक बनता जा रहा है.
जानकारी के अनुसार 11 जनवरी की रात्रि पाली में ड्यूटी के दौरान राकेश नेरवटला के पैर पर भारी कोयला गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए , सहकर्मियों ने उन्हें तत्काल वेकोली के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन ओर यहीं से पूरे घटनाक्रम ने संदिग्ध मोड़ ले लिया.
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इलाज के दरम्यान डॉक्टरों ने राकेश को पूर्ण आराम की सलाह दी थी तो 17 जनवरी को आखिर किस आधार पर उन्हें दोबारा खदान में बुलाया गया? क्या प्रबंधन ने चिकित्सकीय निर्देशों को दरकिनार किया? या फिर किसी दबाव में एक घायल कर्मचारी को मौत के मुंह में धकेल दिया गया?
बताया जा रहा है कि कोयला खदानों में किसी भी दुर्घटना के बाद सेफ्टी ऑफिसर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है सीएमआर 2017 के प्रावधानों के अनुसार सेफ्टी ऑफिसर का दायित्व होता है कि वह ड्यूटी पर आने वाले प्रत्येक कर्मचारी की जांच करे , यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी विस्तृत जांच करे, दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण करे, सुरक्षा मानकों के पालन की समीक्षा करे और प्रबंधन को रिपोर्ट सौंपे.
ऐसे में अब सवाल यह उपस्थित हो रहा है कि क्या नांदगांव खदान के सेफ्टी ऑफिसर ने अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन किया? यदि नहीं तो अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सूत्रों की मानें तो संबंधित सेफ्टी ऑफिसर का इन दिनों प्रमोशन प्रस्तावित है ऐसे में यह आरोप भी जोर पकड़ रहा है कि प्रबंधन उन्हें बचाने के लिए पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है यदि यह सच है, तो यह न केवल एक कर्मचारी के साथ अन्याय है बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर भी गहरा आघात है.
स्वर्गीय राकेश नेरवटला की मौत अब एक परिवार की त्रासदी भर नहीं रह गई है बल्कि यह जवाबदेही और न्याय की मांग का मुद्दा बन चुकी है इस मामले को लेकर श्रमिकों के बीच रोष बढ़ता जा रहा है.
जिससे इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच की मांग हो रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो.
अब देखना यह होगा कि वेकोली प्रबंधन इस मामले में पारदर्शिता दिखाता है या फिर सवालों के बोझ तले यह मामला भी दबा दिया जाएगा, इस प्रकरण से जुड़े और भी खुलासों के लिए पढ़ते रहें “राज्य रिपोर्टर न्यूज” की अगली विशेष रिपोर्ट…






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