अनियमितता उजागर होती ही भड़के उपक्षेत्रीय प्रबंधक, इंटक नेता से बहस
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले दुर्गापुर उपक्षेत्र के खदान में चल रही अनियमितताओं और सुरक्षा खामियों को उजागर करने पर प्रबंधन और इंटक नेताओं के बीच जबरदस्त टकराव सामने आया है इंटक के महामंत्री के.के. सिंह द्वारा सुरक्षा और कार्यप्रणाली से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए जाने पर उपक्षेत्रीय प्रबंधक कथित तौर पर आपा खो बैठे जिससे बैठक का माहौल तीखी बहस में बदल गया.
सूत्रों के अनुसार बैठक के दरम्यान जैसे ही खदानों में सुरक्षा संबंधी अनियमितताओं और दुर्घटनाओं का मुद्दा उठाया गया जिससे उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने ऊँची आवाज में जवाब देते हुए कहा कि खदानों में छोटी-मोटी घटनाएं होती रहती हैं और उन्हें बार-बार उजागर करने से कोई फायदा नहीं हैं उनके इस बयान से कामगार नेताओं में भारी नाराज़गी फैल गई.
बताया जाता है कि चर्चा के दौरान उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने चंद्रपुर क्षेत्र के कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई कर्मचारी चार घंटे काम करने को तैयार नहीं, लेकिन आठ घंटे का वेतन लेते हैं उनके इस बयान से कर्मचारियों में तीखा आक्रोश फैल गया है कामगारों का कहना है कि यह टिप्पणी उनके श्रम और योगदान का अपमान है.
उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने यह भी कहा कि चंद्रपुर क्षेत्र पहले से ही लगभग 400 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है और हर कर्मचारी को संभालना संभव नहीं है उनके इस टिप्पणी से कर्मचारियों के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया जा रहा है.
बैठक में बिना आवश्यक प्रशिक्षण (वीटीसी) के कर्मचारियों से काम लिए जाने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया कामगार नेताओं का कहना है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है लेकिन प्रबंधन इस गंभीर विषय को हल्के में ले रहा है.
विवाद उस समय और भड़क गया जब उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने कामगार नेताओं पर ब्लैकमेल करने और बेवजह मुद्दे उठाकर प्रबंधन पर दबाव बनाने का आरोप लगा दिया इतना ही नहीं, उन्होंने यह तक कह दिया कि नेताओं की वजह से ही क्षेत्र डूब रहा है उनके इस कथित टिपण्णी से कामगार संगठनों में जबरदस्त रोष फैल गया है.
सूत्रों के अनुसार बहस के दौरान उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने कड़े और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मौका आएगा तो सब बता देंगे, जिसे कामगार नेताओं ने खुली धमकी बताया है.
इंटक नेताओं ने प्रबंधन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल खदानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है उनका कहना है कि लगातार हो रही दुर्घटनाएं और अनियमितताएं प्रबंधन की विफलता को उजागर कर रही हैं लेकिन जिम्मेदारी लेने के बजाय प्रबंधन कामगार नेताओं को निशाना बना रहा है.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र में प्रबंधन और इंटक के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है जिससे क्षेत्र का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है आने वाले दिनों में यह विवाद और उग्र होने की संभावना जताई जा रही है.






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