कर्मचारी की सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता है तो मेडिकल फिटनेस के बिना ड्यूटी अलाव कैसे ?
◾नंदगांव खदान हादसे के चार दिन बाद भी जांच नहीं, हादसे को दबाने की कोशिश का आरोप
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : चंद्रपुर क्षेत्र के नंदगांव खदान में कार्यरत कर्मचारी कुमार गिरवेनी के दुर्घटना में घायल होने के चार दिन बाद भी प्रारंभिक जांच शुरू नहीं होने और किसी प्रकार की कार्रवाई सामने नहीं आने से खदान प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं हैरानी की बात यह है कि एक ओर हादसे के कारणों की जांच लंबित है तो दूसरी ओर घायल कर्मचारी पर अस्पताल से छुट्टी लेने का दबाव बनाए जाने और मेडिकल फिटनेस के बिना ड्यूटी पर अलाव करने की जानकारी सामने आ रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 अक्टूबर को नंदगांव खदान के प्रथम पाली में ट्रामर/ड्रेसर के रूप में कार्यरत कुमार गिरवेनी को गिरे हुए कोयले के टब को उठाने के काम के लिए बुलाया गया था इसी दौरान टब अचानक चल पड़ा और कर्मचारी टब तथा पिलर के बीच बुरी तरह फंसकर घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
हादसे के समय शिफ्ट ओवरमैन और जनरल शिफ्ट ओवरमैन की भूमिका, कार्यस्थल पर निगरानी तथा सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है लेकिन इस हादसे के चार दिन बीतने के बावजूद प्रारंभिक जांच तक शुरू नहीं होने की जानकारी ने जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सबसे गंभीर आरोप यह है कि कुछ अधिकारियों और संगठन के पदाधिकारियों द्वारा घायल कर्मचारी पर अस्पताल से छुट्टी लेने के लिए दबाव बनाया गया, इतना ही नहीं तो कर्मचारी को मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना ड्यूटी पर अलाव करने की जानकारी सामने आई है.
खदान में सुरक्षा उपायों पर बैठकें होने के बावजूद यदि कर्मचारी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है तो इन बैठकों की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है अब मांग उठ रही है कि तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू कर हादसे के कारणों, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और घायल कर्मचारी पर दबाव की जांच की जाए , यदि लापरवाही या मामले को दबाने का प्रयास साबित होता है तो दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए.






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