नंदगांव हादसे की गुत्थी सुलझी नहीं, डीआरसी खदान में एक और बड़ा हादसा!
◾आज CMD का चंद्रपुर दौरा प्रस्तावित , सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी समीक्षा?
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : चंद्रपुर क्षेत्र में खदान हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है नंदगांव खदान में हुए हादसे को लेकर उठे सवालों का जवाब अभी तक सामने नहीं आया है तो वहीं अब डीआरसी खदान में एक और गंभीर दुर्घटना होने की जानकारी सामने आई है इस घटना ने एक बार फिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली, खदानों में कामगारों की सुरक्षा और हादसों के बाद अपनाई जाने वाली व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं आरोप है कि डीआरसी में हुवे हादसे की जानकारी बाहर न आए, इसके लिए प्रबंधन स्तर पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है हालांकि, घटना को दबाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार डीआरसी खदान में हुवा यह हादसा 22 तारीख की नाइट शिफ्ट के दौरान, 23 तारीख की सुबह करीब 5 बजे का बताया जा रहा है इस हादसे में घायल कामगार ठेका मजदूर है जो खदान में रूफ बोल्टिंग का काम करता था. बताया जा रहा है कि काम के दौरान कोयले की टब उसके पैर को कुचलते हुए निकल गई, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद घायल कामगार को तत्काल उपचार के लिए चंद्रपुर शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका ऑपरेशन करना पड़ा. फिलहाल उसके पैर पर प्लास्टर चढ़ाया गया है और उसका उपचार जारी है.
इस घटना के समय घटनास्थल पर माइनिंग सरदार, ओवरमैन सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी होने की बात सामने आ रही है ऐसे में सवाल उठता है कि जब जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद थे, तो आखिर सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हुई? क्या निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था? क्या घटनास्थल की परिस्थितियों और दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच की गई? यदि अधिकारियों की मौजूदगी में कामगार गंभीर रूप से घायल हुआ है तो इस मामले में जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है घटना की परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की मांग उठ रही है.
नंदगांव खदान हादसे के बाद घायल कामगार के उपचार, उसकी हाजिरी और प्रबंधन की भूमिका को लेकर पहले ही सवाल उठ चुके हैं अब डीआरसी खदान की घटना ने इन सवालों को और गंभीर बना दिया है लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं के बीच यह सवाल उपस्थित होना लाजिमी है कि , क्या खदानों में सुरक्षा नियम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं? हादसों के बाद जांच, जवाबदेही और सुधारात्मक कार्रवाई की स्थिति क्या है? यदि हर घटना के बाद कुछ समय तक चर्चा होती है और फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है तो कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित कैसे होगी?
डीआरसी खदान में हुई दुर्घटना की जानकारी खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) को दी गई है या नहीं, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि सामने आना जरूरी है दुर्घटना की प्रकृति के अनुसार लागू रिपोर्टिंग नियमों का पालन हुआ या नहीं इसकी जांच की जानी चाहिए साथ ही दुर्घटना की आधिकारिक रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, सुरक्षा संबंधी दस्तावेजों और घटनास्थल की परिस्थितियों की पड़ताल से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
इस बीच आज वेकोलि के CMD का चंद्रपुर दौरा प्रस्तावित होने की जानकारी है यदि यह दौरा होता है तो क्या वे केवल निर्धारित कार्यक्रमों तक सीमित रहेंगे या चंद्रपुर क्षेत्र की खदानों में लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं का भी संज्ञान लेंगे? क्या वे नंदगांव और डीआरसी खदान की घटनाओं की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करेंगे? इन सवालों के जवाब का इंतजार कामगारों को है.
फिलहाल डीआरसी खदान में घायल ठेका कामगार निजी अस्पताल में उपचाररत है इस घटना की निष्पक्ष जांच, घायल कामगार को नियमानुसार सहायता तथा सुरक्षा में संभावित चूक के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग महत्वपूर्ण हो गई है.
राज्य रिपोर्टर न्यूज़ इस मामले से जुड़े तथ्यों और प्रबंधन के पक्ष की पड़ताल कर रहा है घटना, जांच और जवाबदेही से जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा अगली खबर में किया जाएगा.




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