Ballarpur सास्ती खदान में बायोमेट्रिक हाजिरी का फरमान, पूरे क्षेत्र में भी लागू करने की मांग

 





Ballarpur सास्ती खदान में बायोमेट्रिक हाजिरी का फरमान, पूरे क्षेत्र में भी लागू करने की मांग

◾बिना कार्यस्थल पहुंचे वेतन लेने वालों पर कसेगा शिकंजा? ‘IN-OUT’ अनिवार्य करने से खुलेगी हाजिरी व्यवस्था की पोल


चंद्रपुर,( Rajya Reporter News ) : सास्ती ओपनकास्ट माइन के खान प्रबंधक द्वारा जारी एक सूचना ने क्षेत्र की हाजिरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं खान में कार्यरत सभी कामगारों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए बायोमेट्रिक (FBM) मशीन के साथ-साथ हाजिरी रजिस्टर में भी दैनिक हाजिरी दर्ज करना अनिवार्य किया गया है इतना ही नहीं तो पाली शुरू होने पर ‘IN’ और पाली समाप्त होने के बाद ‘OUT’ दर्ज नहीं करने पर संबंधित दिन का वेतन नहीं बनाने की चेतावनी दी गई है.

खान प्रबंधन के इस आदेश को जहां अनुशासन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है तो वहीं अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इसी तरह का सख्त फरमान पूरे बल्लारपुर क्षेत्र में लागू किया जाएगा?

सास्ती ओपनकास्ट माइन के खान प्रबंधक के आदेश की सराहना करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधन से मांग की जा रही है कि बल्लारपुर क्षेत्र की सभी खदानों एवं कार्यालयों में भी बायोमेट्रिक हाजिरी के साथ IN-OUT अनिवार्य किया जाए.  इससे उन कर्मचारियों पर प्रभावी अंकुश लग सकता है जो कथित रूप से हाजिरी दर्ज कराने के बाद कार्यस्थल से नदारद रहते हैं. 

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कोई कर्मचारी केवल हाजिरी दर्ज कराकर कार्यस्थल से गायब हो जाता है, तो उसकी जवाबदेही तय करने की व्यवस्था क्या है? इसी तरह यदि कोई कर्मचारी नियमित रूप से कार्यस्थल पर उपस्थित हुए बिना वेतन प्राप्त कर रहा है तो इसकी निगरानी कौन कर रहा है?

यदि बायोमेट्रिक व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना है, तो सिर्फ हाजिरी लगाने तक सीमित व्यवस्था के बजाय IN-OUT रिकॉर्ड को वेतन प्रणाली से जोड़ना आवश्यक होगा.  इससे फर्जी या संदिग्ध हाजिरी पर लगाम लगने के साथ ही वेकोली को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान को भी रोका जा सकता है.

सास्ती खदान में जारी आदेश ने यह उम्मीद जगाई है कि क्षेत्रीय प्रबंधन अब इसी तर्ज पर पूरे बल्लारपुर क्षेत्र में एक समान और सख्त हाजिरी व्यवस्था लागू करेगा . इससे न केवल कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित होगी, बल्कि काम के बदले वेतन और अनुपस्थिति के बावजूद वेतन जैसी शिकायतों पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा. 

अब निगाहें क्षेत्रीय प्रबंधन पर हैं कि वह सास्ती खान प्रबंधक के इस आदेश को केवल एक खदान तक सीमित रखता है या फिर पूरे बल्लारपुर क्षेत्र में ‘IN-OUT’ आधारित पारदर्शी हाजिरी व्यवस्था लागू कर अनुशासन का वास्तविक उदाहरण पेश करता है.



Post a Comment

0 Comments