CRC डिस्पेंसरी में डॉक्टरों की तैनाती सिर्फ कागजों तक! क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी का आदेश पहले ही दिन फेल

  



CRC डिस्पेंसरी में डॉक्टरों की तैनाती सिर्फ कागजों तक! क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी का आदेश पहले ही दिन फेल

◾3 सदस्यीय जांच समिति के निरीक्षण बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : चंद्रपुर क्षेत्र के ( CRC ) चांदा रय्यतवारी काॅलरी डिस्पेंसरी में डॉक्टरों की अनुपलब्धता का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है हैरानी की बात यह है वेकोली मुख्यालय की तीन सदस्यीय जांच समिति ने डिस्पेंसरी का निरीक्षण भी किया था इसके बावजूद भी स्थिति में कोई सुधार दिखाई नहीं दे रहा है इससे यह सवाल निर्माण हो गया है कि आखिर प्रशासनिक आदेशों का पालन कौन सुनिश्चित करेगा?

जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी ने 7 अप्रैल 2026 को एक कार्यालय आदेश जारी कर क्षेत्रीय अस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर को 1 अप्रैल 2026 से अस्थायी रूप से CRC डिस्पेंसरी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा था, हालांकि, तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका और डिस्पेंसरी में डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाई. 

इस स्थिति में सुधार लाने के बजाय 21 जुलाई 2026 को क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी ने एक और कार्यालय आदेश जारी करते हुए क्षेत्रीय अस्पताल के एक अन्य डॉक्टर को 22 जुलाई 2026 से सुबह एवं शाम की ओपीडी के लिए CRC डिस्पेंसरी में अस्थायी रूप से तैनात करने का निर्देश दिया , लेकिन यह आदेश भी पहले ही दिन धराशायी होता नजर आया. 

राज्य रिपोर्टर न्यूज़ की टीम ने 22 जुलाई की सुबह CRC डिस्पेंसरी पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया, निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि दो-दो डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेश होने के बावजूद डिस्पेंसरी में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था. डॉक्टर के इंतजार में मरीज घंटों बैठे रहे इससे मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी देखने को मिली. 

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पहले जारी आदेश पर तीन महीने तक अमल नहीं हुआ तो दूसरा आदेश जारी करने का औचित्य क्या था? यदि आदेशों का पालन ही नहीं होना है तो ऐसे कार्यालय आदेश केवल औपचारिकता बनकर रह जाते हैं और इसका खामियाजा सीधे मरीजों को भुगतना पड़ता है. 

वेकोली मुख्यालय की तीन सदस्यीय जांच समिति के निरीक्षण बाद भी यदि CRC डिस्पेंसरी की व्यवस्था जस की तस बनी हुई है तो यह पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है जिससे अब कर्मचारियों और मरीजों की ओर से वेकोली के प्रभारी मुख्य चिकित्सा सेवाएं से इस मामले का संज्ञान लेकर आदेशों के पालन, डॉक्टरों की वास्तविक उपस्थिति तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है.




Post a Comment

0 Comments