राजीव रतन सेंट्रल हॉस्पिटल में प्रशिक्षुओं से कराई जा रही मेहमाननवाजी ?
◾INTUC ने की CMD से जांच की मांग
चंद्रपुर,( Rajya Reporter News ) : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के वणी क्षेत्र स्थित राजीव रतन सेंट्रल हॉस्पिटल में प्रशिक्षुओं (Apprentice/ITI Trainees) से उनके प्रशिक्षण से इतर कार्य कराए जाने का मामला सामने आया है जिस पर राष्ट्रीय कोयला खदान मजदूर संघ (INTUC) ने इस मामले को गंभीर अनियमितता बताते हुए वेकोली के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) को पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार संघ के महामंत्री के. के. सिंह ने अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को भेजे पत्र में आरोप लगाया गया है कि भारत सरकार की अप्रेंटिसशिप योजना का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर कुशल श्रमिक बनाना है परंतु कुछ अधिकारी प्रशिक्षण के नाम पर उनसे ऐसे कार्य करा रहे हैं जिनका उनके तकनीकी प्रशिक्षण से कोई संबंध नहीं है उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इससे पूर्व भी चंद्रपुर क्षेत्र में ऐसे मामलों की शिकायतें की गई थीं लेकिन अब वणी क्षेत्र में यह मामला सामने आने से स्पष्ट होता है कि कुछ अधिकारी प्रशिक्षण व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं.
इस मामले में नINTUC ने अपने पत्र के साथ 24 जून 2026 का क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी कार्यालय आदेश भी संलग्न किया है इस आदेश के अनुसार 17 जुलाई 2026 को आयोजित Inspection के लिए कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं.
जिसमे अप्रेंटिस और ITI प्रशिक्षुओं को विजिटर बुक लेकर अतिथियों का स्वागत करने, चाय, बिस्किट, ड्राई फ्रूट एवं पानी परोसने, अतिथियों की सेवा और व्यवस्था संभालने जैसी जिम्मेदारियां दी गई थीं, वहीं अन्य कर्मचारियों को फोल्डर, पेन, पैड, LED स्क्रीन, कुर्सी-टेबल की व्यवस्था सहित कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
इस मामले में INTUC ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशिक्षुओं को तकनीकी दक्षता सिखाने के बजाय मेहमानों की आवभगत कराना ही अब प्रशिक्षण का हिस्सा बन गया है? यदि नहीं तो आखिर किस अधिकार से ऐसे कार्यालय आदेश जारी कर प्रशिक्षुओं को गैर-तकनीकी कार्यों में लगाया गया?
संघ ने आरोप लगाया कि महिला अप्रेंटिस और ITI प्रशिक्षुओं का भी स्वागत एवं आतिथ्य व्यवस्था में उपयोग किया गया जो प्रशिक्षण की मूल भावना के विपरीत है जिससे संघ ने CMD से मांग की है कि WCL के सभी क्षेत्रों में अप्रेंटिस प्रशिक्षण की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षुओं से केवल वही कार्य कराया जाए जिसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है साथ ही जिन अधिकारियों ने प्रशिक्षण व्यवस्था का दुरुपयोग किया है उनके विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाए.
यह मामला सामने आने के बाद WCL की प्रशिक्षण व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं अब निगाहें प्रबंधन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेकर दोषियों पर क्या कदम उठाता है.






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