विजिलेंस अभियान के बीच सीनियर ओवरसीज पर CBI का शिकंजा

 







विजिलेंस अभियान के बीच सीनियर ओवरसीज पर CBI का शिकंजा

◾40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, बिल मंजूर करने के लिए मांगी थी रकम

◾WCL के सीनियर ओवरसीज (सिविल) को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुवे उमरेड के गंगापूर चौक के पास रंगेहाथ गिरफ्तार

नागपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के विजिलेंस विभाग द्वारा चलाए जा रहे तीन माह के Preventive Vigilance Campaign के दौरान उमरेड क्षेत्र से रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने WCL के सीनियर ओवरसीज (सिविल) को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुवे उमरेड के गंगापूर चौक के पास रंगेहाथ गिरफ्तार किया.


 आरोपी पर पीरवा गांव के पुनर्वास स्थल पर पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्य के तीसरे बिल की राशि मंजूर करने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है.

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता को दो कूपनलिकाओं के निर्माण तथा मुख्य एवं वितरण जलवाहिनी और सबमर्सिबल पंप लगाने का ठेका मिला था कार्य की कुल लागत 25 लाख 35 हजार 693 रुपये थी. बिल मंजूर करने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर बिल की राशि का दो प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगा. जिससे शिकायतकर्ता ने CBI की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा 44 हजार रुपये तथा पूर्व की 10 हजार रुपये की बकाया राशि सहित कुल 54 हजार रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई बातचीत के बाद रकम 50 हजार रुपये तय हुई. इसके बाद CBI ने जाल बिछाया और आरोपी को 40 हजार रुपये की पहली किश्त स्वीकार करते हुए पकड़ लिया.

गौरतलब है कि WCL के विजिलेंस विभाग की ओर से इन दिनों तीन माह का Preventive Vigilance Campaign चलाया जा रहा है. इस अभियान के दौरान सामने आई इस कार्रवाई ने कंपनी में भ्रष्टाचार की रोकथाम और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है बताया जा रहा है कि विजिलेंस विभाग में शिकायत करने के बाद कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं होती इसीलिए मजबूरन पीड़ित लोगों को सीबीआई के पास जाना पड़ता है.



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