बामनी-राजुरा मार्ग पर गोट फार्म में बाड़ का पानी घुसने से १६ बकरियों की मृत्यु।



बामनी-राजुरा मार्ग पर गोट फार्म में बाड़ का पानी घुसने से १६ बकरियों की मृत्यु।


राजुरा ( राज्य रिपोर्टर ) : बामनी-राजुरा मार्ग पर स्थित मोहम्मद शब्बीर के बकरी फार्म में बाढ़ का पानी घुस जाने से इस फार्म में २७ बकरियों में से १६ बकरियों की मृत्यु होने की घटना शनिवार दि. १६ जुलाई को सामने आई है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बकरी फार्म में बाड़ का पानी घुस जाने से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. 

                         प्राप्त जानकारी अनुसार बल्लारपुर के बुद्ध नगर निवासी मोहम्मद शबीर ने राजुरा-बामनी मार्ग पर एक खेत लिया और कृषि के पूरक व्यवसाय के रूप में बकरी पालन शुरू किया. परंतु पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के चलते वर्धा नदी में बाड़ आई थी. गोट फार्म में शब्बीर ने हमेशा की तरह सभी बकरियों को बांध रखा था. चूंकि बाढ़ का पानी अब तक फार्म तक नहीं पहुंचा था इसलिए उन्होंने हमेशा की तरह बकरियों को वहीं बांधे रखा. लेकिन अचानक बाढ़ का पानी बढ़ गया और बकरी फार्म में घुस जाने से अपनी जान बचाने के लिए बकरी फार्म संचालक मोहम्मद शब्बीर ने पास के साईं मंदिर में शरण ली. जैसे-जैसे पानी बढ़ा बकरी फार्म में सत्ताईस बकरियों में से पंद्रह की मृत्यु हो गई और एक बकरी ने एक मेमने को जन्मा था और वह मेमने की भी पानी में ही मृत्यू हो गई. हालांकि शेष बारह बकरियां जीवित बच गईं लेकिन मोहम्मद शब्बीर को भारी नुकसान हुआ है. 

                        पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं. वर्धा नदी के ओवरफ्लो होने के चलते बामनी-राजुरा मार्ग पर पुलिया जलमग्न होने के कारण राजुरा जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से सड़क को बीच में ही बंद कर दिया गया. इस वजह से आपदा प्रबंधन टीम बकरी फॉर्म तक नहीं पहुंच पाए. साईं मंदिर परिसर में शरण लिए मोहम्मद शब्बीर को आपदा प्रबंधन टीम ने सुरक्षित स्थान पर आने के लिए कहा लेकिन उन्होंने अपनी बकरियों की खातिर वहीं रहना पसंद किया. बाढ़ का पानी कम होने के बाद जब राजस्व अधिकारी बकरी फार्म पहुंचे तो उन्हें पंद्रह बकरियां और एक छोटा मेमना मरा हुआ मिला जबकि बारह बकरियां जीवित थी.

                        तहसीलदार हरीश गाडे, मंडळ अधिकारी निरंजन गोरे, तलाठी विल्सन नांदेकर, पशुवैद्यकीय अधिकारी जिल्हेवार, आक्रोश जुलमे ने मौके पर जाकर पंचनामा किया.

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