बिना अनुमति के कार्यस्थल छोड़ खान प्रबंधक कार्यालय में घुसकर हंगामा !

 


बिना अनुमति के कार्यस्थल छोड़ खान प्रबंधक कार्यालय में घुसकर हंगामा !  

◾बीएमएस नेताओं पर गिर सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज

 चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र के दुर्गापुर रैयतवारी कॉलरी में एक कर्मचारी के निलंबन और आरोपपत्र के मामले ने अब श्रमिक संगठन और प्रबंधन के बीच टकराव का रूप ले लिया है इस घटनाक्रम में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

सूत्रों के अनुसार बिना अनुमति कार्यस्थल छोड़कर खान प्रबंधक कार्यालय पहुंचने और वहां कथित रूप से अभद्र व्यवहार करने के मामले में संबंधित नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक सकती है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रबंधन ने हाल ही में एक सेफ्टी कम प्रोडक्शन असिस्टेंट के खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोपों को लेकर आरोपपत्र जारी करते हुए निलंबित किया था, प्रबंधन के इस  कार्रवाई के विरोध में भटाड़ी क्षेत्र में कार्यरत बीएमएस के कुछ पदाधिकारी रैयतवारी उपक्षेत्र स्थित दुर्गापुर रैयतवारी कॉलरी के खान प्रबंधक कार्यालय पहुंच गए. 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय पहुंचने के बाद संबंधित नेताओं ने खान प्रबंधक पर दबाव बनाने का प्रयास किया तथा बातचीत के दौरान ऊंची आवाज में आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, इतना ही नहीं तो प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां करने और परिणाम भुगतने की चेतावनी देने की भी चर्चा है.  हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी लेकिन पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है. 

मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि कार्यालय पहुंचने वाले नेताओं में से दो पदाधिकारी उस समय ड्यूटी पर बताए जा रहे हैं आरोप है कि उन्होंने बिना पूर्व अनुमति अपने कार्यस्थल को छोड़ दिया और दूसरे उपक्षेत्र में पहुंचकर प्रबंधन के कार्य में हस्तक्षेप किया, यदि यह तथ्य जांच में सही पाए जाते हैं तो इसे कंपनी के स्थायी आदेशों और सेवा अनुशासन के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है. 

वेकोली के नियमों के अनुसार ड्यूटी अवधि के दौरान बिना अनुमति कार्यस्थल छोड़ना तथा प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है ऐसे में अब सबकी निगाहें भटाड़ी प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

प्रबंधन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस से लेकर विभागीय जांच जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. 

फिलहाल यह विवाद थमने के बजाय और गहराता नजर आ रहा है इस पूरे मामले से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे तथा तथ्य हमारी अगली खबर में प्रकाशित किए जाएंगे.




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