नांदगांव खदान हादसे में सेफ्टी ऑफिसर की भूमिका संदेह के घेरे में !
चंद्रपुर,( राज्य रिपोर्टर न्यूज ) : चंद्रपुर क्षेत्र स्थित नांदगांव खदान में कार्यरत कर्मचारी स्वर्गीय राकेश नेरवटला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु से पूरे वेकोली प्रबंधन में हड़कंप मच गया है एक ओर प्रबंधन द्वारा मामले को गंभीरता से लेने की बात कही जा रही है वहीं दूसरी ओर जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं.
सूत्रों के अनुसार वेकोली मुख्यालय की दो अलग-अलग उच्चस्तरीय टीमें पिछले दो दिनों से नांदगांव खदान पहुंचकर घटना एवं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर रही हैं इसके साथ ही डीजीएमएस (खान सुरक्षा महानिदेशालय) ने भी अपनी जांच तेज कर दी है नागपुर रीजन-2 के खान सुरक्षा निदेशक द्वारा संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार 11 जनवरी की रात्रि पाली में ड्यूटी के दौरान राकेश नेरवटला के पैर पर भारी कोयला गिर गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. सहकर्मियों ने उन्हें तत्काल वेकोली के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन यहीं से पूरा मामला संदिग्ध मोड़ लेता नजर आ रहा है.
खदान में हुए इस हादसे में सेफ्टी ऑफिसर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण बतायी जा रही है परंतु अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने से प्रबंधन पर उन्हें बचाने के आरोप लग रहे हैं सूत्रों का दावा है कि संबंधित सेफ्टी ऑफिसर का आगामी दिनों प्रमोशन प्रस्तावित है जिसके चलते उन्हें जांच से दूर रखा जा रहा है यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल जांच की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न है बल्कि पूरे सुरक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर भी गंभीर आघात है.
अब इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग जोर पकड़ रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
इस बहुचर्चित मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण खुलासों के लिए जुड़े रहें “राज्य रिपोर्टर न्यूज” की आगामी विशेष रिपोर्ट के साथ.






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