महिला दिवस के कार्यक्रम में महिलाओं की उपेक्षा का कड़वा सच
चंद्रपूर,( राज्य रिपोर्टर न्युज ) : महिला सशक्तिकरण और सम्मान के बड़े-बड़े दावों के बीच वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र में आयोजित विश्व महिला दिवस का कार्यक्रम सवालों के घेरे में आ गया है 14 मार्च को शक्तिनगर कॉलोनी स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम ने सम्मान के बजाय अव्यवस्था और उपेक्षा की तस्वीर पेश की.
करीब 500 महिलाओं के लिए किए गए इंतजाम कागजों तक ही सीमित नजर आए , कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय महाप्रबंधक निर्धारित समय पर न पहुंचकर करीब 4 घंटे की देरी से पहुंचे इस दौरान कार्यक्रम में शामिल अनेक महिलाएं घंटों भूखी बैठी रहीं जो अपने आप में महिला सम्मान के नाम पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.
स्थिति तब और शर्मनाक हो गई जब भूख से परेशान कुछ महिलाएं कार्यक्रम स्थल पर रखे फलों की ओर बढ़ीं लेकिन एक महिला अधिकारी ने उन्हें यह कहकर रोक दिया कि फल अतिथियों के लिए हैं अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान के लिए था या सिर्फ वीआईपी मेहमानों की खातिरदारी के लिए?
सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम स्थल की क्षमता भी 500 लोगों के अनुरूप नहीं थी जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई नाम न छापने की शर्त पर एक महिला कर्मचारी ने बताया कि जब ऑडिटोरियम की क्षमता ही इतनी नहीं थी तो 500 महिलाओं को बुलाने की योजना किस आधार पर बनाई गई?
इतना ही नहीं सुबह तैयार किया गया भोजन महिलाओं को दोपहर बाद परोसा गया जिसके चलते खाने का स्वाद भी कम हो चुका था यह स्थिति आयोजन की लापरवाही और कुप्रबंधन को उजागर करती है.
महिला दिवस जो महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को सशक्त करने का प्रतीक है उसी दिन महिलाओं को भूखा बैठाना और उन्हें भोजन समय से वंचित करना न केवल विडंबना है बल्कि एक गंभीर संवेदनहीनता का उदाहरण भी है.
अब देखना यह है कि इस पूरे मामले पर वेकोली प्रबंधन क्या जवाब देता है और क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों में वास्तव में महिलाओं के सम्मान को प्राथमिकता दी जाएगी या फिर यह सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगा.
इस आयोजन पर लगे आरोपों संदर्भ में प्रबंधन की प्रतिक्रिया के लिए क्षेत्रीय महाप्रबंधक से संपर्क करने पर उन्होंने फ़ोन नही उठाया , उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त होते ही अगली खबर में प्रकाशित किया जाएगा .







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