क्षेत्रीय अस्पताल में नियमों की खुलेआम धज्जियां
◾क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी की मूक सहमति ?
चंद्रपुर,( Rajya Reporter News ) : वेकोली चंद्रपुर क्षेत्र का क्षेत्रीय अस्पताल पिछले कुछ महीनों से विवादों के घेरे में है इस अस्पताल में लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं, प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की अनदेखी ने न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि वेकोली प्रबंधन की जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं सबसे चिंताजनक बात यह है कि बार-बार शिकायतें और तथ्य सामने आने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से कर्मचारियों ओर मरीजों में असंतोष बढ़ता जा रहा है.
राज्य रिपोर्टर न्यूज़ को प्राप्त दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के अनुसार अस्पताल में कार्यरत कई डॉक्टर और कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी समय का पालन नहीं कर रहे हैं आरोप है कि अस्पताल की कार्यप्रणाली नियमों के बजाय मनमर्जी से संचालित हो रही है कई कर्मचारी और डॉक्टर तय समय से काफी देर बाद अस्पताल पहुंचते हैं जिससे सुबह से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को इस लापरवाही का सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार स्वयं क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी भी चंद्रपुर क्षेत्र में पदस्थापित होने के बावजूद प्रतिदिन वणी क्षेत्र से चंद्रपुर आना-जाना करते हैं आरोप है कि इसके लिए वे वेकोली द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक वाहन का नियमित उपयोग कर रहे हैं जो कि सेवा नियमों का उल्लंघन ही नहीं बल्कि वेकोली के संसाधनों का दुरुपयोग भी है.
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब अस्पताल का सर्वोच्च अधिकारी ही नियमों के पालन को लेकर कटघरे में खड़ा दिखाई दे तो उनके अधीनस्थ डॉक्टरों और कर्मचारियों से अनुशासन और जवाबदेही की अपेक्षा कैसे की जा सकती है? यही कारण है कि अस्पताल में समयपालन और कार्यसंस्कृति पूरी तरह चरमराने की चर्चा अब खुलेआम होने लगी है.
मरीजों और कर्मचारियों के बीच यह चर्चा है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, विशेष रूप से क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी के वाहन की लॉग बुक , वाहन उपयोग का रिकॉर्ड तथा ड्यूटी उपस्थिति का विजिलेंस विभाग से परीक्षण कराया जाना आवश्यक माना जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो.
अब निगाहें वेकोली के वरिष्ठ प्रबंधन पर टिकी हैं यदि समय रहते इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो यह संदेश जाएगा कि नियम केवल कागज़ों तक सीमित हैं और जिम्मेदार अधिकारियों को संरक्षण प्राप्त है दूसरी ओर यदि पारदर्शी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होती है तो इससे न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा बल्कि वेकोली प्रशासन की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी .
नोट :- यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों, प्राप्त जानकारी और सूत्रों के आधार पर प्रकाशित किया गया है संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा.




0 Comments